Box Office Math अगर ” जान अभी बाकी है” को मिलते जुनैद खान की “एक दिन” जितने शो तो टूट जाते कमाई के सारे रिकॉर्ड

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Box Office Math अगर ” जान अभी बाकी है” को मिलते जुनैद खान की “एक दिन” जितने शो तो टूट जाते कमाई के सारे रिकॉर्ड

 

 

 

Box Office Math Agar Jaan Abhi Baki Hai Ko milte June Kan ki ek din jitne show to Tut jaate kamai ke sahare recordJunaid Khan debut movie Ek Din box office screen count vs Jan Abhi Baki Hai
Box Office Math Agar Jaan Abhi Baki Hai Ko milte June Kan ki ek din jitne show to Tut jaate kamai ke sahare record

 

 

 

आमिर खान के बेटे जुनैद खान और सई पल्लवी की फिल्म एक दिन बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन से ही दम तोड़ती नजर आई वहीं दूसरी तरफ प्राजंल मिश्रा और स्वप्निल सिंह की फिल्म जान अभी बाकी है बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

 

 

 

भारतीय सिनेमा में अक्सर कहा जाता है की फिल्में बड़े सितारों से चलती हैं लेकिन क्या वाकई ऐसा है इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला है एक तरफ बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान की बेटी जुनैद खान की बड़े बजट की फिल्म एक दिन है जिसे मेगा प्रमोशन और हजारों स्क्रीन के साथ लांच किया गया है वहीं दूसरी तरफ बिना किसी शोर शराबे और सीमित संसाधनों के बीच आई फिल्म जान अभी बाकी है जिसमें प्रांजल दीक्षित और स्वप्निल सिंह ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया है।

 

 

संसाधनों का असंतुलन 42 स्क्रीन बनाम 150 स्क्रीन्स
बॉक्स ऑफिस के गणित को समझे तो यह मुकाबला बिल्कुल भी बराबरी का नहीं था जुनैद खान की फिल्म को देशभर में लगभग 42 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है इस फिल्म का बजट करीब 150 करोड़ रुपए है जिस भव्य सेट और विदेशी लोकेशंस पर फिल्माया गया है इसके विपरीत जान अभी बाकी है को केवल 150 सिनेमाघर में जगह मिल सकी है ना बड़े विज्ञापन थे ना बड़े होर्डिंग्स लेकिन इस फिल्म के पास जो है, वह अफसर बड़े बजट की फिल्मों से गायब रहता है एक बेहद मजबूत और रूह को छू देने वाली पटकथा।

 

 

 

समीक्षकों की पसंद और दर्शकों का प्यार
फ़िल्म समीक्षक ने जहां जुनैद खान के डेब्यू को मिला-जुला रिस्पांस दिया है वही जान अभी बाकी है को सकारात्मक समीक्षाएं मिल रही हैं दर्शकों का कहना है कि प्रांजल दीक्षित और स्वप्निल सिंह ने अपनी पहली ही फिल्म में यह साबित कर लिया है कि अभिनय के लिए “सरनेम” से ज्यादा “हुनर” की जरूरत होती है फिल्म की पटकथा इतनी प्रभावशाली है कि कम स्क्रीन होने के बावजूद जहां जहां यह फिल्म लगी है वहां वर्ड ऑफ माउथ (लोगों की तारीफें) के जरिए दर्शकों की भीड़ बढ़ रही है।

 

 

 

एक बड़ा सवाल है क्या कंटेंट को मौका मिल रहा है
आज के दौर में जब हम डिजिटल इंडिया और कंटेंट ड्रिवन सिनेमा की बात करते हैं तब यह सवाल उठता है क्या 150 करोड़ का बजट ही सफलता की गारंटी है अगर “जान अभी बाकी है” तो भी उसी स्तर का प्रमोशन और स्क्रीन्स मिलते तो शायद आज बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और भी कहानी बयां कर रहे होते।

 

 

जान अभी बाकी है फिल्म 150 सिनेमा घरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन 00.1 करोड रुपए की कमाई की यदि यह फिल्म 4200 स्क्रीन पर रिलीज होती तो कितनी कमाई करती नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार समझे –

 

 

1.प्रति थिएटर (Per Theatre)औसत कमाई-
सबसे पहले यह देखना होगा कि एक थिएटर से फिल्म में औसतन कितना कमाया

 

कुल कमाई -00.1 करोड रुपए (यानी 10 लाख रुपए,)
कुल सिनेमाघर -150
औसत प्रति सिनेमा घर- 10,00,000/150= 6666 रुपए ।

 

 

2. 4200 शो (screens) पर संभावित कमाई का गणित
यदि फिल्म “जान अभी बाकी है” को 4200 शो/ सिनेमाघर मिलते तो इस औसत के हिसाब से कमाई का अनुमान इस प्रकार होता

गणित -4200 ×6666
कल संभावित कमाई 2.80 करोड़ रुपए।

 

 

वास्तविकता और Occupancy फैक्टर ( Business Analysis)

 

Footfall (दर्शकों की संख्या) -150 सिनेमाघर में फिल्म अक्सर उन जगहों पर लगती है जहां उसे देखने वाले निश्चित दर्शन हो जब स्क्रीन 4200 होती है तो फिल्म छोटे शहरों और गांवों (Mass Centers) तक भी पहुंचती है इससे मांस अपील बढ़ती है और कमाई उम्मीद से ज्यादा भी हो सकती है।

 

 

Marketing impact- 4200 स्क्रीन पर रिलीज करने के लिए फिल्म का विज्ञापन (marketing) भी बड़े स्तर पर करना पड़ता है अगर विज्ञापन अच्छा होता है तो यह 2.80 करोड रुपए का आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक भी जा सकता था।

 

 

Average Ticket Price (ATP)- बड़े मल्टीप्लेक्स में टिकट महंगा होता है जबकि छोटे सिंगल स्क्रीन पर सस्ता। 4200 स्क्रीन्स में दोनों का मिश्रण होता है जो रेवेन्यू को बैलेंस करता है।

 

 

क्या आप भी बड़े सितारों की फिल्म देखना पसंद करेंगे या एक अच्छी कहानी वाली फिल्म कमेंट करके जरूर बतायें।

Prabhat

प्रभात उमंग एक लेखक है उन्होंने सहायक लेखक के तौर पर दैनिक स्वदेश ,नव स्वदेश, और स्वदेश ज्योति न्यूज पेपर में अपनी सेवाएं 10 वर्षो तक दी है प्रभात इंडियन स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन मुंबई के सदस्य भी हैं

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