शहनाज अख्तर कराएंगी 21 निर्धन कन्याओं का निशुल्क भव्य सामूहिक विवाह

अपनी जादुई आवाज और भगवान रंग जैसे कालजयी भजनों से देश दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज़ अख्तर एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश कर रही हैं स्वरों की साधना को अब वे सेवा का संकल्प बन चुकी है आगामी 5 में 2026 को को संस्कारधानी जबलपुर में एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिलेगा जहां शहनाज अख्तर 21 निर्धन और निराश्रित कन्याओं का घर बसाने की जिम्मेदारी उठा रही हैं।
बिना चंदे के स्वाभिमान का विवाह
इस भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शुचिता और स्वावलंबन है जबलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बॉलीवुड यात्रा से बातचीत करते हुए शहनाज अख्तर ने भावुक होते हुए बताया कि इस आयोजन के लिए किसी भी बाहरी स्रोत संस्था यह व्यक्ति विशेष से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता या चंदन नहीं लिया गया है बल्कि उन्होंने अपनी गाय की प्रतिभा मेहनत और भजन के माध्यम से जो भी धन अर्जित किया है उसे वह पूरी तरह से इन बेटियों के भविष्य को संवारने में समर्पित कर रही हैं।
पारदर्शिता और प्राथमिकता कैसे हुआ चयन
भजन गायिका शहनाज अख्तर ने बताया कि इस सामूहिक विवाह के लिए जोड़ों का चयन बेहद पारदर्शी तरीके से किया गया है इसमें उन बेटियों को प्राथमिकता दी गई है जो आर्थिक रूप से कमजोर है जिनके माता-पिता नहीं है ऐसी बेटियों जो पूरी तरह से निराश्रित है दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद ही इन 21 जोड़ों का चयन किया गया है जिसमें 10 जोड़े जबलपुर के और बाकी अन्य क्षेत्रों से हैं।
चयन प्रक्रिया में बेटियों को दी गई प्राथमिकता
(1)जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं।
(2)जिनके माता-पिता का साया उनके सिर पर नहीं है।
(3)जो पूरी तरह से निराश्रित और असहाय हैं।
धर्म और सेवा का अनूठा संगम
शहनाज अख्तर का मानना है कि कला की सार्थकता तभी है जब वह समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के काम आए उन्होंने कहा ईश्वर ने जो मुझे सवार दिए और जनता ने जो प्यार दिया है वह अब पीड़ित मानवता की सेवा में लगाना चाहिए भजनों से जो कमाया वह अब 21 जोड़ों के जीवन में खुशियां भरने के काम आएगा।
आयोजन की झलकियां
- दिनांक 5 मई 2026
- संख्या- 21 जोड़ों का निशुल्क विवाह
- स्थान- गोकुल धाम आधारताल जबलपुर मध्य प्रदेश
जबलपुर की धरती पर होने वाला यह आयोजन न केवल 21 परिवारों के लिए नई शुरुआत होगा बल्कि समाज के उन समर्थ लोगों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा जो अपनी कला और समर्थ सेवा मार्ग से जुड़ना चाहते हैं। शहनाज अख्तर की इस सराहनीय पहल की चारों ओर प्रशंसा हो रही है क्योंकि यहां एक कलाकार केवल मंच पर ही नहीं बल्कि वास्तविक जीवन में भी समाज की पीड़ा हरने का कार्य कर रही है।
FAQ.
1.शहनाज अख्तर के पति का नाम क्या है?
प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर के पति का नाम प्रतीक श्रीवास्तव है।
2.शहनाज अख्तर का इतिहास क्या है?
शहनाज अख्तर एक सुप्रसिद्ध भजन गायिका है जिन्होंने बहुत सारे लोकप्रिय भजन गाए हैं एक इंटरव्यू के दौरान शहनाज अख्तर ने बताया था कि उन्होंने भजन गाना किसी से सीखा नहीं है बल्कि घर पर एक टेप रिकॉर्डर सुनकर गाने गाने का अभ्यास किया करती थी उन्होंने 10 साल की उम्र से भजन गाना शुरू किया था और साल 2005 में उनका पहला भजन एल्बम आया था। शहनाज अख्तर मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट गांव की मूल निवासी हैं और एक मुस्लिम गायिका होते हुए भी वह हिंदू धर्म के भजन गाती हैं और उन्होंने खुद भी भक्ति के रस में डूब चुकी हैं उन्होंने भगवा रंग धारण कर लिया है।
3.शहनाज अख्तर कहा कि रहने वाली है?
प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक छोटे से गांव बरघाट की रहने वाली हैं उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था।
4.क्या शहनाज अख्तर एक गायिका हैं?
हां शहनाज अख्तर एक भजन गायिका है उन्होंने कई सारे माता के भजन गए हैं भोला नहीं माने रे उनका लोकप्रिय भजन है।
5.शहनाज अख्तर की शादी किससे हुई
शहनाज अख्तर की शादी प्रतीक श्रीवास्तव से हुई है शहनाज अख्तर मध्य प्रदेश की एक लोकप्रिय भजन गायिका हैं मुस्लिम धर्म में जन्म लेने के बाद भी उनकी सनातन धर्म में गहरी आस्था है।
नोट – आपको हमारा यह लिख कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइए यदि आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो लाइक शेयर करना ना भूले बॉलीवुड से जुड़ी सभी अपडेट्स पाने के लिए बने रहिए आपके अपने न्यूज़ब्लॉग Bollywood Yatraa पर जहां आपको मिलती हैं बॉलीवुड से जुड़ी सभी अपडेट सबसे तेज। क्या आप हमें किसी प्रकार का सुझाव देना चाहते हैं या फिर आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल Bollywoodyatraa@gmail.com पर भेज सकते हैं।